नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी तैयारियों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने एक बेहद कड़ा और अहम कदम उठाया है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव से जुड़ी ड्यूटी में तैनात उन सभी अधिकारियों का तबादला किया जाए, जो एक ही जिले में तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं या फिर अपने गृह जिले में तैनात हैं। यह नियम प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष से लेकर मैदानी स्तर तक के अमले पर सख्ती से लागू होगा।

निर्वाचन आयोग के इन दिशा-निर्देशों के दायरे में जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM), उपजिलाधिकारी (SDM), तहसीलदार के साथ-साथ पुलिस इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर भी आएंगे। आयोग ने 31 मई 2027 की अवधि को आधार मानकर इन तबादलों को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया की शुचिता पर कोई आंच न आ सके।

अक्सर चुनावों के दौरान प्रशासनिक अमले की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में आयोग की यह पहल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी अधिकारी अपनी पुरानी पकड़ या पारिवारिक नजदीकी का लाभ चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए न उठा सके। इस निर्देश के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि जल्द ही बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले देखने को मिलेंगे।

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