लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भवन स्वामियों को एक बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत नक्शों को लेकर अहम फैसला किया है। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायतों से पास कराए गए भवन नक्शों को विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में भी पूरी तरह से वैध माना जाएगा। सरकार के इस कदम के बाद अब ऐसे भवनों के खिलाफ सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, राहत का लाभ लेने के लिए संबंधित भवन स्वामियों को विकास प्राधिकरण में अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा और साथ ही निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी भवन का निर्माण मास्टर प्लान के भूमि उपयोग के विपरीत यानी नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो ऐसी स्थिति में भवन मालिक को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। सरकार का दावा है कि इस महत्वपूर्ण फैसले से प्रदेश के हजारों भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी।












