उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 द्विवार्षिक सीटों (5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) के लिए हुए चुनाव के नतीजे और रुझान तेजी से सामने आ रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी और राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी अब तक के अपडेट के अनुसार, 11 में से 8 सीटों पर स्थिति पूरी तरह साफ हो चुकी है, जबकि शेष 3 सीटों पर मतगणना के अंतिम राउंड जारी हैं। वर्तमान स्थिति के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी 6 सीटों पर (5 जीत + 1 पर बढ़त) आगे बनी हुई है, वहीं समाजवादी पार्टी 5 सीटों पर (3 जीत + 2 पर बढ़त) कड़ी टक्कर दे रही है।
चुनाव आयोग द्वारा घोषित और आधिकारिक रुझानों के अनुसार, बीजेपी ने अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन करते हुए लखनऊ शिक्षक सीट पर जीत हासिल की है, जहां उमेश द्विवेदी ने हैटट्रिक लगाते हुए परचम लहराया। इसके अलावा बरेली-मुरादाबाद शिक्षक seat पर डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, मेरठ स्नातक seat पर दिनेश कुमार गोयल, आगरा स्नातक seat पर डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह और मेरठ शिक्षक seat पर श्रीचंद शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की है। वहीं, गोरखपुर शिक्षक निर्वाचन सीट पर बीजेपी प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने भी शिक्षक और स्नातक सीटों पर अपना मजबूत आधार साबित किया है। सपा के लाल बिहारी यादव ने वाराणसी शिक्षक सीट जीतकर एक बड़ा उलटफेर दर्ज किया, जबकि आगरा शिक्षक सीट पर डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की है। इसके साथ ही इलाहाबाद-झांसी स्नातक seat पर सपा प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव जीत की ओर हैं। वाराणसी स्नातक और लखनऊ स्नातक सीटों पर भी सपा के उम्मीदवार शुरुआती राउंड से ही अपनी बढ़त बनाए हुए हैं।
द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती और अंतिम मतों की जांच पूरी होने के साथ ही आयोग द्वारा सभी 11 सीटों की आधिकारिक और अंतिम सूची घोषित कर दी जाएगी। इस चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश के बुद्धिजीवी, शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच दोनों प्रमुख दलों की साख कसौटी पर रही है।














