सना: यमन के अल-मुखा शहर और उसके बंदरगाह पर हूती विद्रोही समूहों के मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 अन्य घायल हो गए। यमन की सरकारी सेना ने रविवार देर रात हुए हमले की जानकारी दी।
यमन सरकार की सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्लाह अल-नुजैली ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि हमले में अल-मुखा के अंदर और आसपास के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। इनमें नागरिक बुनियादी ढांचे, कर्मचारियों के आवास, कार्यालय, बिजली उत्पादन केंद्र और सैन्य ठिकाने शामिल थे।
सेना के मुताबिक, हमले में चार सुरक्षाकर्मी और तीन नागरिकों की मौत हुई है, जबकि घायल हुए 30 लोगों में ज्यादातर आम नागरिक हैं। अधिकांश घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
यमन की सेना ने आरोप लगाया कि यह हमला नागरिक प्रतिष्ठानों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। सेना ने कहा कि अल-मुखा में तैनात एयर डिफेंस यूनिट्स ने हमले में शामिल 11 ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया।
सेना ने हूती समूह पर नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि हूती खतरे के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
वहीं, हूती विद्रोहियों ने अल-मुखा क्षेत्र में सऊदी सैन्य ठिकानों और हथियार डिपो को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की जिम्मेदारी ली है।
यह हमला ईरान समर्थित हूती समूह की ओर से यमन के मारिब शहर पर किए गए हमले के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें रिहायशी इलाकों और विस्थापित लोगों के शिविरों को निशाना बनाया गया था।













