नई दिल्ली। म्यांमार में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक म्यांमार में आए भूकंप की तीव्रता 3.5 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप सुबह 6 बजकर 33 मिनट पर आया, जिसका केंद्र जमीन के अंदर 130 किलोमीटर की गहराई में था।
NCS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भूकंप का स्थान म्यांमार था। इससे पहले 11 जुलाई को भी म्यांमार में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 90 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया था।
इसके अलावा इससे पहले म्यांमार में 4.5 तीव्रता के भूकंप के झटके भी महसूस किए गए थे। NCS के अनुसार यह भूकंप 100 किलोमीटर की गहराई में आया था। म्यांमार भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां मध्यम और बड़े भूकंपों का खतरा बना रहता है।
भूवैज्ञानिकों के अनुसार म्यांमार चार टेक्टोनिक प्लेटों- इंडियन, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट के बीच स्थित है, जहां लगातार भूगर्भीय गतिविधियां होती रहती हैं। सागाइंग फॉल्ट म्यांमार के कई हिस्सों से होकर गुजरता है, जिससे सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून जैसे क्षेत्रों में भूकंप का खतरा अधिक रहता है।












