विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में अमेरिका द्वारा जारी फैक्टशीट में किए गए बदलावों पर स्पष्टीकरण दिया है। मंत्रालय ने कहा कि ये बदलाव भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील पर एक साझा समझ को दर्शाते हैं।
बता दें, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि भारत-अमेरिका के बीच फरवरी 2026 में जारी किए गए जॉइंट स्टेटमेंट में साझा समझ का आधार बना है। उन्होंने कहा, “जॉइंट स्टेटमेंट एक फ्रेमवर्क है और दोनों पक्ष इसे लागू करने और अंतरिम एग्रीमेंट को फाइनल करने के लिए काम करेंगे।”
वहीं, जायसवाल ने कहा कि हालिया बदलाव, जो अमेरिका द्वारा जारी फैक्टशीट में किए गए थे, भारत और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर समझ का ही हिस्सा हैं। इस बदलाव के बाद अमेरिकी फैक्टशीट में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को नरम किया गया है, जैसे कि भारत के अमेरिकी उत्पादों की खरीद के संबंध में पहले की ज्यादा सख्त प्रतिबद्धता को अब “इरादे” में बदला गया है।
बता दें, अमेरिका की ओर से जारी पहले के फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत ने अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाने का “कमिटमेंट” किया है, जिनमें ऊर्जा, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कृषि, कोयला आदि शामिल थे। लेकिन अब इसे बदलकर “इरादा” किया गया है और कृषि उत्पादों को लिस्ट से हटा दिया गया है।
वहीं, पुराने फैक्टशीट में यह कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और खाद्य उत्पादों पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा, जिनमें दालें, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स आदि शामिल थे। अपडेटेड फैक्टशीट में अब “कुछ दालों” का उल्लेख हटा दिया गया है।
पहले के फैक्टशीट में यह कहा गया था कि भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स को हटा देगा और डिजिटल ट्रेड में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए बाइलेटरल नियमों पर काम करेगा। हालांकि, अपडेटेड वर्शन में डिजिटल सर्विस टैक्स को हटाने के वादे को हटा दिया गया और केवल बाइलेटरल डिजिटल ट्रेड नियमों पर काम करने का उल्लेख किया गया है।
भारत और अमेरिका के बीच यह अंतरिम व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए एक कदम है। दोनों देशों ने 13 फरवरी, 2025 को एक बड़े बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को फिर से पुख्ता किया था। इस समझौते के तहत, भारत अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ को खत्म करने पर सहमत हुआ था, जबकि अमेरिका ने भारत में बने उत्पादों पर टैरिफ लगाएंगे।



