इलेक्ट्रिक कैब सेवा ‘ब्लूस्मार्ट’ की पैरेंट कंपनी जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनियों पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बहुत बड़ा शिकंजा कसा है। इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड, जेनसोल ईवी लीज लिमिटेड, और कंपनी के प्रमोटर सह-संस्थापक अनमोल सिंह जग्गी व पुनीत सिंह जग्गी के खिलाफ 470 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जेनसोल समूह ने ब्लूस्मार्ट कैब्स के लिए 3,400 इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के नाम पर IREDA से करीब 310 करोड़ रुपये की क्रेडिट फैसिलिटी ली थी। आरोप है कि कंपनी ने इस भारी-भरकम कर्ज को चुकाने में जानबूझकर चूक की और फंड का सही इस्तेमाल नहीं किया। शुरुआती जांच और एफआईआर के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के जरिए सार्वजनिक वित्तीय संस्थान को 470 करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी चपत लगाई गई है।
गौरतलब है कि जेनसोल इंजीनियरिंग इससे पहले भी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की रडार पर रह चुकी है। सेबी की जांच में भी कंपनी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और फंड डायवर्जन के आरोप लगे थे, जिसके चलते ब्लूस्मार्ट की सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ा था। बहरहाल, सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद अब दोनों प्रमोटर भाइयों और अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।













