वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार विवाद विश्वविद्यालय के एक प्रश्न पत्र में पूछे गए एक सवाल को लेकर खड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, एमए (MA) इतिहास के चौथे प्रश्न पत्र में एक ऐसा विवादित सवाल पूछा गया, जिस पर अब चौतरफा विरोध शुरू हो गया है और ब्राह्मण समाज ने इस पर गहरी आपत्ति जताई है।
वाराणसी : BHU के प्रश्न पत्र में पूछा गया विवादित सवाल
➡ब्राह्मणवादी पितृसत्ता पर उठाया गया सवाल
➡एमए इतिहास के चौथे प्रश्न पत्र में पूछा सवाल
➡महिलाओं की प्रगति में कैसे डाली बाधा- सवाल
➡प्राचीन भारत में प्रगति में कैसे डाली बाधा- सवाल
➡विवादित सवाल दिखने से ब्राह्मण समाज… pic.twitter.com/jBItdIEzzY— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) May 19, 2026
क्या है प्रश्न पत्र का विवादित सवाल?
एमए इतिहास की परीक्षा के दौरान छात्रों से प्रश्न पत्र में ‘ब्राह्मणवादी पितृसत्ता’ (Brahmanical Patriarchy) पर केंद्रित एक सवाल पूछा गया। प्रश्न में पूछा गया था कि “ब्राह्मणवादी पितृसत्ता ने प्राचीन भारत में महिलाओं की प्रगति में किस प्रकार बाधा डाली?” परीक्षा के दौरान जैसे ही यह सवाल छात्रों के सामने आया, यह परिसर से बाहर लीक हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
ब्राह्मण समाज में बढ़ा आक्रोश
इस सवाल के सामने आने के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों और कई छात्र संगठनों में भारी रोष देखने को मिला है। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि शिक्षा के इस प्रतिष्ठित केंद्र में जानबूझकर एक खास विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है और सनातन संस्कृति व एक विशिष्ट वर्ग को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। इस विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन परिसर में इस मुद्दे को लेकर तनाव और बहस का माहौल गरमा गया है।



