आयुर्वेद में बालों की देखभाल को केवल बाहरी सुंदरता से नहीं, बल्कि शारीरिक सेहत और जीवनशैली से जोड़कर देखा गया है। पुराने समय से ही माना जाता रहा है कि बाल हमारी सेहत का आईना होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, हर व्यक्ति के शरीर की प्रकृति अलग होती है, जो वात, पित्त और कफ दोषों पर निर्भर करती है। इसी आधार पर बालों को पोषण देने का तरीका और तेल का चुनाव भी बदल जाता है। आज के समय में लोग बालों में तेल (Oiling) तो लगाते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे बाल मजबूत होने के बजाय कमजोर, रूखे और बेजान होकर टूटने लगते हैं।
- जरूरत से ज्यादा तेल लगाना (Over-Oiling)
बालों को लेकर सबसे आम धारणा यह है कि जितना ज्यादा तेल लगाएंगे, बाल उतने ही जल्दी लंबे और चमकदार होंगे। लेकिन असल में ऐसा नहीं है। स्कैल्प पर जरूरत से ज्यादा तेल लगाने से वह चिपचिपा हो जाता है, जिससे रोमछिद्र (Pores) बंद हो जाते हैं। इसके बाद बालों को धोने के लिए ज्यादा शैम्पू का इस्तेमाल करना पड़ता है, जो बालों को रूखा बना देता है। आयुर्वेद कहता है कि तेल केवल उतनी ही मात्रा में लें, जितना स्कैल्प सोख सके। उंगलियों के पोरों से हल्की मालिश करते हुए तेल को जड़ों तक पहुंचाना ही पर्याप्त है।
- बहुत ज्यादा गर्म तेल का इस्तेमाल
गुनगुना तेल बालों के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन कई लोग तेल को बहुत ज्यादा गर्म कर देते हैं। अत्यधिक गर्म तेल स्कैल्प की त्वचा और बालों के फॉलिकल्स को नुकसान पहुंचाता है। इससे बालों की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है और वे बीच से टूटने लगते हैं। तेल को हमेशा हल्का गुनगुना (Luke-warm) ही करना चाहिए ताकि यह बिना कोई नुकसान पहुंचाए जड़ों में आसानी से समा सके।
- रातभर तेल लगाकर छोड़ देना
पुराने जमाने में लोग रातभर बालों में तेल लगाकर सोते थे, लेकिन आज के दौर में प्रदूषण, धूल और मिट्टी बहुत ज्यादा है। तेल लगे सिर के साथ सोने से हवा में मौजूद गंदगी स्कैल्प पर चिपक जाती है। इससे सिर में खुजली, डैंड्रफ और फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, बाल धोने से करीब आधा घंटा पहले तेल लगाकर हल्की मालिश करना सबसे सही और सुरक्षित तरीका है।
- रोजाना तेल लगाने की आदत
कुछ लोग हर दिन बालों में तेल लगाते हैं, जो कि एक गलत आदत है। रोज-रोज तेल लगाने से स्कैल्प की अपनी प्राकृतिक तेल (सीबम) बनाने की क्षमता प्रभावित होती है। बालों को स्वस्थ रखने के लिए सप्ताह में केवल दो से तीन बार तेल लगाना ही काफी होता है। इससे बालों को सही पोषण भी मिलता है और उनका प्राकृतिक संतुलन भी नहीं बिगड़ता।
- बालों की प्रकृति के अनुसार गलत तेल चुनना
हर किसी के बालों की जरूरत अलग होती है। यदि आपके बाल रूखे, सूखे और बेजान हैं, तो नारियल, बादाम या आंवला का तेल सबसे बेहतर काम करता है क्योंकि ये नमी को लॉक करते हैं। वहीं, अगर आपका स्कैल्प पहले से ही ऑयली या चिपचिपा रहता है, तो आपको जैतून (ऑलिव ऑयल) या अरंडी (कैस्टर ऑयल) के तेल का चुनाव करना चाहिए। गलत तेल का चुनाव बालों की चमक छीन सकता है।














