जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र के पुराने शोभापुर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। भाजपा नेत्री और पूर्व पार्षद प्रत्याशी संगीता रजक (38) की अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआती जाँच में इसे हादसा माना है, लेकिन कुछ दिन पहले हुई बमबारी की घटना ने मामले को पेचीदा बना दिया है।
पहले बमबारी, फिर रात का शोर और गैलरी में गोली
दरअसल, कुछ दिन पहले संगीता रजक के घर पर बदमाशों ने बम फेंके थे। इस घटना के बाद से पूरा परिवार सहमा हुआ था और सुरक्षा के मद्देनज़र लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक हर वक्त पास रखी जाने लगी थी। शनिवार देर रात करीब एक बजे घर के बाहर कुछ हलचल और शोर सुनाई दिया। संगीता के पति बंटी रजक तुरंत दरवाज़े की तरफ दौड़े। संगीता भी बंदूक लेकर उनके पीछे-पीछे कमरे से बाहर निकल रही थीं, ताकि पति को हथियार थमा सकें। इसी दौरान गैलरी में अचानक गोली चल गई और वह संगीता के पेट में जा लगी।
अस्पताल तक की दौड़, फिर टूट गई साँसें
गोली की आवाज़ सुनकर परिवार के बाकी सदस्य भागकर वहाँ पहुँचे तो देखा कि संगीता खून से लथपथ ज़मीन पर पड़ी हैं। आनन-फानन में परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ कुछ देर चले इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
हर एंगल से जाँच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुँच गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तथ्यों के मुताबिक यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा लगता है, लेकिन देर रात हुए शोर, हाल में हुई बमबारी और गोली चलने की परिस्थितियों की हर पहलू से गहन पड़ताल की जा रही है।
सक्रिय राजनीति में थीं संगीता, पति रह चुके हैं विधायक प्रतिनिधि
संगीता रजक भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता थीं और उन्होंने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ा था। हार के बावजूद वह आगामी चुनावों की तैयारी में जुटी थीं। उनके पति बंटी रजक विधायक प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। इस घटना के बाद से इलाके में सन्नाटा पसरा है और भाजपा खेमे में शोक की लहर है।













