देश भर में जहां विजयादशमी और दशेहरा का पावन पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इस पावन अवसर पर भी शह-मात का खेल देखने को मिलता रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देने के साथ ही अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर ऐसा तीखा तंज कसा, जिसकी गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सुनाई दे रही है।

सपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर विजयादशमी की बधाई देते हुए कुछ पंक्तियां साझा कीं: “प्रभु ‘राम’ वही जो सबमें रमायें, दान-चोर के दानव मार गिरायें, ‘दंभी’ की नाभि पर तीर चलायें, ‘समतापूर्ण रामराज्य’ जो लायें।” इन चार पंक्तियों के जरिए अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में सामने आए दान-चोरी के संवेदनशील मुद्दे को उठाते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर तैयारियां अपने चरम पर हैं और दोनों ही प्रमुख दल किसी भी मुद्दे को हाथ से जाने नहीं देना चाहते। अखिलेश यादव द्वारा विजयादशमी जैसे बड़े पर्व पर ‘समतापूर्ण रामराज्य’ और अपने चर्चित ‘पीडीए’ फॉर्मूले का जिक्र करना यह साफ दर्शाता है कि आगामी चुनावों में आस्था से जुड़े इन संवेदनशील मुद्दों को सपा एक बड़े राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति बना रही है। इतना ही नहीं, आगामी संविधान दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी अपना चुनावी घोषणा पत्र भी जारी करने की तैयारी में है, जिसने प्रदेश का राजनीतिक पारा और बढ़ा दिया है।

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