Lucknow: उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत संगठन और ग्रामीण राजनीति से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी और अहमखबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों के विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने बड़ा रास्ता निकाल लिया है। सूबे में अब मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही ग्राम सभा का प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस संबंध में एक बड़ा और आधिकारिक दावा किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली मंजूरी
पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर के मुताबिक, ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाए जाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश और मंजूरी प्राप्त हो गई है। शासन स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद पंचायती राज विभाग आज से कल तक के भीतर इसका आधिकारिक शासनादेश जारी कर देगा।
प्रधानों की अगुवाई में काम करेगी कमेटी
नई व्यवस्था के तहत गांवों में एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसके प्रमुख खुद ग्राम प्रधान होंगे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कल यानी 26 मई से सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरी तरह समाप्त हो रहा है और राज्य में अभी नए पंचायत चुनाव संपन्न नहीं हुए हैं। ऐसे में विकास कार्य बाधित न हों और ग्रामीण व्यवस्था ठप न पड़े, इसके लिए सरकार फिलहाल के लिए मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर जिम्मेदारी सौंपने जा रही है।












