इलेक्टोरल रोल (मतदाता सूची) में कथित गड़बड़ियों को लेकर देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र और अपमानजनक भाषा पर गहरी नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज शेयर करते हुए अनुपम खेर ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना और प्रधानमंत्री के फैसलों की आलोचना करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में गाली-गलौज, अभद्र टिप्पणी या हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
अपने भावुक संदेश में अनुपम खेर ने कहा, “हम सभी को प्रोटेक्ट करने का हक है, हमें सरकार से सवाल करना चाहिए और प्राइम मिनिस्टर के फैसलों से असहमत होना चाहिए, यह सब डेमोक्रेसी का हिस्सा है। लेकिन प्राइम मिनिस्टर को गाली देना, उनकी मां को अपशब्द कहना, पुलिस अधिकारियों के साथ बदतमीजी करना और महिला पुलिस ऑफिसर्स का अपमान करना… क्या यह सही है? आपका विरोध कितना भी कड़ा क्यों न हो, क्या अपनी राय बताने के लिए गाली देना जरूरी है?” खुद को भारत का अनऑफिशियल कल्चरल एंबेसडर मानते हुए उन्होंने कहा कि देश के ऐसे वीडियो देखकर उन्हें बेहद दुख और गुस्सा आया है।
अनुपम खेर ने आगे कहा कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के लिए वोट दिया था और पिछले 12 सालों में उनके द्वारा देश के लिए किए गए कामों पर उनका भरोसा आज भी कायम है। उन्होंने चुनाव आयोग और चुनावों पर सवाल उठाने वाले लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि अगर आरोप हैं, तो सबूत पेश करें और कानूनी व संवैधानिक प्रक्रियाओं (Legal & Constitutional Process) का पालन करें। उन्होंने कहा कि अगर आप सरकार बदलना चाहते हैं, तो चुनाव लड़ें, जनता के बीच जाएं, उनका भरोसा जीतें और अपनी नीतियों को बेहतर साबित करके वोट मांगें। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘चाय बेचने वाला’ कहकर मजाक उड़ाने की कोशिशों पर भी कड़ी आपत्ति जताई।
फिलहाल अनुपम खेर अपने नाटक ‘जाने पहचाने अनजाने’ के सिलसिले में विदेश दौरे पर हैं। इस स्टेज प्रोडक्शन में उनके साथ अभिनेत्री स्वरूप संपत नजर आ रही हैं, जबकि इसका संगीत प्रसिद्ध संगीतकार अनु मलिक ने तैयार किया है।



