लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कल 1 जून को एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। पाकिस्तान से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश में बसे 1,645 हिंदू परिवारों का दशकों पुराना इंतजार खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन सभी विस्थापित परिवारों को उनकी जमीन का मालिकाना हक (भूमिधरी अधिकार पत्र) सौंपेंगे। इस बड़े फैसले से इन परिवारों को न सिर्फ कानूनी मान्यता मिलेगी, बल्कि उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।
यह विशेष और भव्य समारोह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर में आयोजित किया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री खुद विस्थापितों को ये अधिकार पत्र वितरित करेंगे।
50 पूर्व सैनिकों को भी मिलेगा भूमि का अधिकार
इस कार्यक्रम की एक और बड़ी विशेषता यह है कि देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले जांबाज जवानों को भी सरकार सम्मानित कर रही है। विस्थापित हिंदू परिवारों के साथ-साथ 50 पूर्व सैनिकों को भी इस समारोह में भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए जाएंगे। लंबे समय से लंबित इस मांग को मंजूरी मिलने के बाद पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों में भी भारी उत्साह है।
दशकों पुरानी मांग पूरी, बढ़ेगी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा
विस्थापित परिवारों के लिए यह सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि सम्मान से जीने का अधिकार है।
भूमिधरी अधिकार पत्र मिलने के बाद ये परिवार कानूनी तौर पर अपनी जमीनों के मालिक बन जाएंगे। मालिकाना हक मिलने से ये लोग अब अपनी भूमि पर खेती के लिए आसानी से बैंक लोन (ऋण) ले सकेंगे और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा पाएंगे। दशकों से जो परिवार अस्थायी या असुरक्षित महसूस कर रहे थे, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में एक स्थाई और सुरक्षित भविष्य मिलेगा।
इस ऐतिहासिक कदम को योगी सरकार के सुशासन और समाज के वंचित व विस्थापित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है। 1 जून को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर बिजनौर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।











