उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां दिल्ली पुलिस ने CJP प्रोटेस्ट हिंसा मामले में कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य युवक पवन को हिरासत में ले लिया है। दोनों को हिरासत में लेने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गई है। यह कार्रवाई चोला क्षेत्र के धमेड़ा नारा गांव से की गई है, जहां स्वतंत्र भारद्वाज नैथला निवासी ड्राइवर हरिशंकर के घर रुका हुआ था। इस पूरी घटना की जानकारी सबसे पहले दिल्ली के एक टैक्सी ड्राइवर ने दी थी।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान एक बड़ा प्रशासनिक विवाद भी खड़ा हो गया है। बुलंदशहर पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने स्थानीय थाने में अपनी आमद (आमद दर्ज कराना) नहीं कराई थी, जिसके चलते स्थानीय पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नियमों के मुताबिक, जब भी बाहरी राज्य या दूसरे जिले की पुलिस किसी अन्य क्षेत्र में गिरफ्तारी या दबिश देने जाती है, तो स्थानीय थाने को इसकी औपचारिक सूचना देना अनिवार्य होता है।
गौरतलब है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में FIR दर्ज है और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। पुख्ता इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर में दबिश दी और दोनों युवकों को दबोच लिया। फिलहाल, दिल्ली पुलिस दोनों को अपने साथ लेकर पूछताछ के लिए रवाना हो चुकी है, जबकि स्थानीय स्तर पर बिना आमद के की गई इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।











