मुंबई: एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी के कायाकल्प की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) को जमीन पर उतारने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने शाहूनगर के निवासियों को अपने घर खाली करने के लिए नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य धारावी के भीतर जल्द से जल्द जमीन खाली कराना है ताकि निर्माण कार्य को रफ्तार देकर निवासियों को उनके स्थायी घर समय पर सौंपे जा सकें।
यह कदम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस हालिया निर्देश के बाद आया है, जिसमें उन्होंने साल 2028 तक 10,000 घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
शाहूनगर के 900 किराएदारों को होना होगा शिफ्ट
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, शाहूनगर में रहने वाले बीएमसी के करीब 900 किरायेदारों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट होना होगा। निवासियों के पास दो विकल्प होंगे:
- ट्रांजिट हाउसिंग (अस्थायी आवास): जो लोग ट्रांजिट होम चुनेंगे, उन्हें धारावी के सेक्टर 5 में स्थित म्हाडा (MHADA) की इमारतों में घर दिया जाएगा। इसके लिए DRP और NMDPL द्वारा 500 म्हाडा यूनिट्स पहले से ही तैयार रखी गई हैं।
- किराए का मकान: जो लोग ट्रांजिट होम नहीं चाहते, वे खुद किराए का मकान ढूंढ सकते हैं, जिसका खर्च सरकार उठाएगी।
डील पक्की है क्या ?
अधिकारियों ने साफ किया है कि घर खाली करने से पहले हर निवासी के साथ एक आधिकारिक एग्रीमेंट किया जाएगा। इसमें उनके पुनर्वास के सभी नियम और अधिकार लिखे होंगे। कंस्ट्रक्शन सर्टिफिकेट मिलने के 5 साल के भीतर निवासियों को इसी इलाके में उनके नए और स्थायी घर दे दिए जाएंगे।















