नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। शुक्रवार सुबह 6 बजे से राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है।
खास बात यह है कि साल 2022 के बाद पहली बार तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में इस तरह का इजाफा किया है।
कितनी हुई बढ़ोतरी?
तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा दरों के अनुसार, पेट्रोल की कीमतों में 3.14 रुपये और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में ईंधन के नए दाम कुछ इस प्रकार हैं:
| ईंधन का प्रकार | पुरानी कीमत (₹/लीटर) | नई कीमत (₹/लीटर) |
| नियमित पेट्रोल | ₹94.63 | ₹97.77 |
| नियमित डीजल | ₹87.56 | ₹90.67 |
| प्रीमियम पेट्रोल | ₹102 – ₹104 | ₹105.14 – ₹107.14 |
क्यों बढ़े दाम?दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है। उन्होंने बताया कि तेल कंपनियों ने गुरुवार मध्यरात्रि को ही पेट्रोल पंप संचालकों को ईमेल के जरिए कीमतों में बदलाव की सूचना दे दी थी, जिसे आज सुबह 6 बजे से प्रभावी कर दिया गया है।
आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर
करीब दो साल से अधिक समय तक स्थिर रहने के बाद हुई इस बढ़ोतरी से आम आदमी का बजट बिगड़ना तय है।
- दैनिक यात्री: ऑफिस और काम पर जाने वाले लोगों का आवागमन खर्च बढ़ जाएगा।
- ट्रांसपोर्टर्स: माल ढुलाई महंगी होने से आने वाले दिनों में सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी देखी जा सकती है।
- छोटे व्यवसायी: लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से छोटे व्यापारों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा।



