नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक एच1एन1 के 2,308 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि अन्य वैरिएंट के करीब 650 केस मिलने के साथ कुल इन्फ्लूएंजा संक्रमितों की संख्या 3,000 का आंकड़ा पार कर गई है। संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एच1एन1 की स्थिति पर आपात समीक्षा बैठक बुलाई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने किया दावा- स्थिति नियंत्रण में
इससे पहले मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एच1एन1 और वेक्टर जनित बीमारियों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है।
अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, स्टाफ और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी मरीज को बेड देने से मना करने की शिकायत मिली, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली में अभी तक एच1एन1 से कोई मौत नहीं हुई है और कोई मरीज वेंटिलेटर या आईसीयू में भर्ती नहीं है।
प्रमुख अस्पतालों में खास इंतजाम
सफदरजंग और आरएमएल समेत दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों में एच1एन1 और फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के उपचार और निगरानी की व्यवस्था की गई है। छह अगस्त तक एच1एन1 के करीब 1,386 मामले थे, लेकिन उसके बाद संक्रमण और तेजी से फैला। 20 अगस्त को सिर्फ एक दिन में इन्फ्लूएंजा के 159 नए मरीज मिले, जिनमें 114 एच1एन1 से संक्रमित थे। अस्पतालों में भर्ती अधिकांश मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री ने भी की समीक्षा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 21 अगस्त को दिल्ली की एच1एन1 स्थिति और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की थी। बैठक में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी, गंभीर श्वसन संक्रमण, जांच, लैब निगरानी, बेड, क्रिटिकल केयर, ऑक्सीजन सपोर्ट वाले बेड, वेंटिलेटर और जरूरी दवाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।
NCR में भी बढ़ रहे मामले
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, पूरे एनसीआर में एच1एन1 का असर दिख रहा है। नोएडा में मंगलवार तक 106 नए मरीज मिले हैं, जिससे कुल संख्या 120 हो गई है। वहां सभी अस्पतालों में स्पेशल वार्ड बनाकर मरीजों पर नजर रखी जा रही है। गाजियाबाद में अब तक नौ मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें तीन मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। फरीदाबाद में चार मामले मिले हैं, जबकि सोनीपत में अभी एक भी मामला नहीं आया है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है।
डेंगू का भी खतरा बरकरार
एच1एन1 के साथ-साथ दिल्ली में डेंगू पर भी निगरानी तेज कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह के मुताबिक, राजधानी में अब तक डेंगू के करीब 2,200 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें ज्यादातर मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, दो गज की दूरी बनाए रखें और श्वसन संबंधी सफाई का पूरा ध्यान रखें। बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण दिखने पर सार्वजनिक स्थानों से दूर रहकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।










