नई दिल्ली: आगामी 27 मई को मनाए जाने वाले बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार (चांद दिखने पर निर्भर) के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने पूरी राजधानी में कानून व्यवस्था, पब्लिक ऑर्डर और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। दिल्ली सरकार के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने साफ चेतावनी दी है कि जानवरों की कुर्बानी और वेस्ट मैनेजमेंट (अपशिष्ट प्रबंधन) से जुड़े सरकारी नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त कानूनी और आपराधिक कार्रवाई (क्रिमिनल एक्शन) सुनिश्चित करेगा।
प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि देश की राजधानी में मवेशियों, गायों, बछड़ों, ऊंटों और अन्य सभी प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार के डेवलपमेंट मिनिस्ट्री ने आने वाले बकरा ईद के त्योहार के लिए कुछ इंस्ट्रक्शन जारी किए हैं। दिल्ली में प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना या ऐसा करने की कोशिश करना दंडनीय अपराध है, और ऐसा करने वाले किसी भी व्यक्ति पर क्रिमिनल केस चलाया जाएगा।”
सड़कों पर अवैध बाजार और सार्वजनिक कुर्बानी प्रतिबंधित
सरकार की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, किसी भी रिहायशी इलाके, सार्वजनिक जगहों, सड़कों और गलियों में जानवरों की अवैध खरीद-फरोख्त या बाजार लगाने की इजाजत नहीं होगी। इसके साथ ही, पब्लिक जगहों पर जानवरों की कुर्बानी देने पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी।
खून बहाने और गंदगी फैलाने पर सख्त एक्शन
दिल्ली सरकार ने स्वच्छता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री कपिल मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा, “कुर्बानी के बाद खून को नालियों, सीवर या सड़कों पर फैलाना, या वेस्ट (अपशिष्ट) को सीवर या नालियों में फेंकना पूरी तरह मना है। कुर्बानी सिर्फ सरकार द्वारा तय और प्रमाणित जगहों पर ही की जानी चाहिए।” सरकार ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी इन नियमों का उल्लंघन होता दिखाई दे, तो तुरंत इसकी रिपोर्ट स्थानीय पुलिस और दिल्ली सरकार के विकास विभाग (डेवलपमेंट डिपार्टमेंट) को करें।



