पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक राजनीतिक संकट और विभाजन के दौर से गुजर रही है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले सांसदों के गुट में शामिल होने की तेज अटकलों के बीच, जादवपुर से टीएमसी की फायरब्रांड लोकसभा सांसद सायोनी घोष रविवार को अचानक देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गईं। हालांकि, दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीडिया द्वारा घेरे जाने पर सायोनी ने इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर सस्पेंस बरकरार रखा।
एयरपोर्ट पर पत्रकारों के तीखे सवालों का जवाब देते हुए सायोनी घोष ने फिलहाल बागी गुट में जाने की खबरों का न तो खंडन किया और न ही पुष्टि की। उन्होंने केवल इतना कहा, “मैं अभी इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहूंगी। जब सही समय आएगा, मैं तभी अपनी बात सबके सामने रखूंगी।” सायोनी का यह दिल्ली दौरा इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि सोमवार को बागी टीएमसी सांसदों की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ एक प्रस्तावित बैठक होनी है, जिसमें यह बागी गुट निचले सदन में अपने लिए अलग बैठने की व्यवस्था की मांग कर सकता है। सायोनी के साथ ही टीएमसी की एक और वरिष्ठ सांसद माला रॉय भी दिल्ली पहुंच चुकी हैं।
58 विधायक और 20 सांसद बागी, महुआ ने सुदीप बंद्योपाध्याय की खोली पोल
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कुल 58 विधायकों (MLAs) और 20 लोकसभा सांसदों ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बगावत के बीच शनिवार को कोलकाता नॉर्थ के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और बागी सांसद शताब्दी रॉय ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की थी, जिसके बाद टीएमसी के भीतर घमासान और बढ़ गया है।
कृष्णानगर की सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मुलाकात को लेकर सुदीप बंद्योपाध्याय पर बेहद तीखा और गंभीर हमला बोला है। महुआ ने आरोप लगाया कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय मंत्री से मिलने जाने से पहले अपनी ही पार्टी के नेतृत्व को गुमराह किया और झूठ बोला। महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “सुदीप बंद्योपाध्याय का मास्क और विग दोनों उतर चुके हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा था कि वे पेट की बीमारी (कीड़े) के कारण कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन अचानक हमने उन्हें दिल्ली में भूपेंद्र यादव के घर पर टीवी पर देखा। दादा, प्लीज अपना X हैंडल कम से कम में बदल लीजिए। हमारा (TMC) नाम इस्तेमाल करना बंद करें।” महुआ के इस हमले और सांसदों के दिल्ली में जुटने के बाद अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावना जताई जा रही है।



