नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की शीर्ष अदालतों में अपनी कानूनी पैरवी को मजबूती और निरंतरता देने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी ने भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को 1 जुलाई से तीन साल के एक और कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, तुषार मेहता देश के दूसरे सबसे बड़े लॉ ऑफिसर के रूप में तीन साल के नए टर्म या अगले आदेश तक अपने पद पर बने रहेंगे।

गुजरात के सीनियर वकील तुषार मेहता पहली बार साल 2014 में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के तौर पर केंद्र की लीगल टीम में शामिल हुए थे। इसके बाद अक्टूबर 2018 में उन्हें प्रमोट कर भारत का सॉलिसिटर जनरल बनाया गया था। वे हाल के वर्षों में इस पद पर सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले कानूनविदों में से एक हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिकता संशोधन कानून, टैक्सेशन, डिजिटल रेगुलेशन और केंद्र-राज्य विवादों से जुड़े कई बड़े संवैधानिक मामलों में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सामने भारत सरकार का पुरजोर प्रतिनिधित्व किया है।

तुषार मेहता के साथ ही सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के लिए पांच एडिशनल सॉलिसिटर जनरल की पुनर्नियुक्ति को भी तीन साल के लिए हरी झंडी दे दी है। इनमें विक्रमजीत बनर्जी और के.एम. नटराज का नया कार्यकाल 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगा, जबकि सूर्यप्रकाश वी. राजू, एन. वेंकटरमन और ऐश्वर्या भाटी का नया कार्यकाल 30 जून, 2026 से शुरू होगा। इसके अलावा एक अन्य फैसले में चेतन शर्मा को 1 जुलाई, 2026 से अगले छह महीने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के रूप में विस्तार दिया गया है। सरकार का यह कदम अदालतों में लंबित बड़े संवैधानिक और पब्लिक पॉलिसी के मुद्दों के बीच अपनी मौजूदा कोर लीगल टीम पर अटूट भरोसे और स्थिरता को प्रदर्शित करता है।

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