कांग्रेस में राहुल गांधी अब फुल एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। तमिलनाडु में लंबे समय से चल रहा DMK गठबंधन तोड़कर विजय को मुख्यमंत्री बनवाने से लेकर केरल में तमाम कयासों के उलट वेणुगोपाल की जगह वीडी सतीशन को आगे करने तक, राहुल ने कई बड़े फैसलों से अपनी नई राजनीतिक शैली का संकेत दे दिया है।
इसके बाद कर्नाटक में भी सत्ता हस्तांतरण का ऑपरेशन शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया गया। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया को तैयार कर सत्ता की कमान डीके शिवकुमार को सौंपने की प्रक्रिया भी राहुल गांधी की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
अब कांग्रेस के दिल्ली कॉरिडोर में चर्चा तेज है कि राहुल गांधी का अगला फोकस तेलंगाना हो सकता है। बताया जा रहा है कि जिस उम्मीद के साथ रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाया गया था, कांग्रेस हाईकमान अब उनके कामकाज और राजनीतिक भूमिका से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी तेलंगाना में भी बदलाव के पक्ष में हैं। संभावना है कि रेवंत रेड्डी को जल्द दिल्ली बुलाया जा सकता है। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने राज्यों में फीडबैक का एक समानांतर सिस्टम तैयार किया है, जिससे उन्हें जमीनी स्थिति की सीधी जानकारी मिलती रहती है।
रेवंत रेड्डी की बीजेपी से कथित नजदीकियों और उनकी सरकार के कामकाज को लेकर जनता में बढ़ते असंतोष ने कांग्रेस आलाकमान की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सवाल बड़ा है—क्या तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के बाद अब राहुल गांधी का ‘ऑपरेशन तेलंगाना’ शुरू होने वाला है? क्या रेवंत रेड्डी की कुर्सी पर संकट गहराने लगा है?
कांग्रेस में राहुल गांधी अब फुल एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। तमिलनाडु में लंबे समय से चल रहा DMK गठबंधन तोड़कर विजय को मुख्यमंत्री बनवाने से लेकर केरल में तमाम कयासों के उलट वेणुगोपाल की जगह वीडी सतीशन को आगे करने तक, राहुल ने कई बड़े फैसलों से अपनी नई राजनीतिक शैली का संकेत दे दिया है।
इसके बाद कर्नाटक में भी सत्ता हस्तांतरण का ऑपरेशन शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया गया। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया को तैयार कर सत्ता की कमान डीके शिवकुमार को सौंपने की प्रक्रिया भी राहुल गांधी की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
अब कांग्रेस के दिल्ली कॉरिडोर में चर्चा तेज है कि राहुल गांधी का अगला फोकस तेलंगाना हो सकता है। बताया जा रहा है कि जिस उम्मीद के साथ रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाया गया था, कांग्रेस हाईकमान अब उनके कामकाज और राजनीतिक भूमिका से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी तेलंगाना में भी बदलाव के पक्ष में हैं। संभावना है कि रेवंत रेड्डी को जल्द दिल्ली बुलाया जा सकता है। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने राज्यों में फीडबैक का एक समानांतर सिस्टम तैयार किया है, जिससे उन्हें जमीनी स्थिति की सीधी जानकारी मिलती रहती है।
रेवंत रेड्डी की बीजेपी से कथित नजदीकियों और उनकी सरकार के कामकाज को लेकर जनता में बढ़ते असंतोष ने कांग्रेस आलाकमान की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सवाल बड़ा है—क्या तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के बाद अब राहुल गांधी का ‘ऑपरेशन तेलंगाना’ शुरू होने वाला है? क्या रेवंत रेड्डी की कुर्सी पर संकट गहराने लगा है?














