अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब एक नया दावा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, चोरी की रकम और बरामदगी को लेकर बड़ा अंतर सामने आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि एसआईटी और पुलिस को आधिकारिक रूप से करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी की जानकारी दी गई, जबकि वास्तविक बरामद रकम ढाई से तीन करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
रकम बरामद करने की प्रक्रिया शुरू की
सूत्रों के अनुसार, चोरी की घटना सामने आने के बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की और उनसे रकम बरामद करने की प्रक्रिया शुरू की। दावा है कि इस दौरान बड़ी मात्रा में धनराशि बरामद हुई, लेकिन जांच एजेंसी के सामने पूरी रकम नहीं बताई गई।
बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच में भी इस बात का उल्लेख है कि ट्रस्ट स्तर पर पहले से कुछ कार्रवाई की गई थी। सूत्रों का कहना है कि मामले को अंदर ही अंदर सुलझाने की कोशिशें भी हुईं, जिसके बाद एसआईटी जांच की मांग उठी।
बाकी रकम के खर्च होने की बात कही जा रही
वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि कुल चोरी की रकम पांच करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। इसमें से करीब तीन करोड़ रुपये की बरामदगी और बाकी रकम के खर्च होने की बात कही जा रही है। हालांकि, जांच एजेंसियों और ट्रस्ट की ओर से इन दावों पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर चोरी की रकम ज्यादा थी तो पूरी रकम का हिसाब कहां है और बाकी पैसा आखिर गया कहां?














