नई दिल्ली: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल ओडिशा के पुरी तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे भारत में आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरुवार को देश के विभिन्न हिस्सों में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई, जिसमें कई बड़े राजनेता शामिल हुए।
दिल्ली में रक्षा मंत्री की मौजूदगी
दिल्ली में रथ यात्रा का उत्साह देखते ही बनता था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने त्यागराज नगर में श्री जगन्नाथ मंदिर द्वारा आयोजित भव्य रथ यात्रा में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रोहिणी सेक्टर-24 में आयोजित रथ यात्रा में भाग लिया, जहाँ भक्तों का भारी जमावड़ा था।
पटना में भी दिखी भारी आस्था
बिहार की राजधानी पटना में इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित रथ यात्रा ने सबका ध्यान खींचा। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने रथ को खींचकर अपना समर्पण भाव व्यक्त किया। पटना की सड़कों पर हजारों श्रद्धालुओं ने ‘जय जगन्नाथ’ के नारों के साथ इस यात्रा का स्वागत किया।
पुरी में 149वीं रथ यात्रा का भव्य आयोजन
जहां एक ओर दिल्ली और पटना में उत्साह था, वहीं पुरी में 149वीं वार्षिक रथ यात्रा ने अपनी भव्यता से दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया। लाखों भक्तों के बीच देवताओं को उनके विशाल रथों—नंदीघोष, तलध्वज और दर्पदलन—पर बिठाया गया। पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ने पारंपरिक ‘छेरा पहनरा’ रस्म के तहत सोने की झाड़ू से रथों को साफ किया और पवित्र जल छिड़का। गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भी विशेष पूजा-अर्चना की।
आस्था का महापर्व
जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। 16 जुलाई को शुरू हुआ यह नौ दिवसीय उत्सव 24 जुलाई को ‘बहुदा यात्रा’ के साथ संपन्न होगा, जिसके बाद 27 जुलाई को देवताओं का मुख्य मंदिर में प्रवेश होगा। भक्तों का मानना है कि इन विशाल रथों को खींचने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। देशभर में इस त्योहार के जरिए एकता, भाईचारे और शांति का संदेश दिया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच, यह रथ यात्रा श्रद्धा और भक्ति के एक नए आयाम को छू गई।














