Bengaluru: कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। बुधवार को आयोजित एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह में डीके शिवकुमार ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही कैबिनेट में वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर को डिप्टी सीएम बनाया गया है, जिन्होंने डीके शिवकुमार के तुरंत बाद पद की शपथ ली। इस नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के अलावा 13 अन्य नए मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई है। इस खास मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी मंच पर मौजूद रहे। शपथ ग्रहण से ठीक पहले पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने गुलदस्ता भेंट कर डीके शिवकुमार का स्वागत किया।
कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण
डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है। अनुभवी दलित चेहरा और 78 वर्षीय नेता के.एच. मुनियप्पा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। वह एससी समुदाय से आते हैं और कोलार लोकसभा सीट से सात बार सांसद रहने के साथ पूर्व खाद्य और आपूर्ति मंत्री भी रह चुके हैं। वह देवनहल्ली से पहली बार विधायक चुने गए हैं। मुनियप्पा के अलावा केजी जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जखोली, कृष्ण बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यूटी खेदार, ईश्वर खांद्रे, यतीन्द सिद्धारमैया, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है।
क्या रहेंगी सीएम डीके शिवकुमार की प्राथमिकताएं?
गौरतलब है कि हाल ही में पार्टी आलाकमान के निर्देश के बाद सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार को सौंपी गई। कमान संभालते ही मुख्यमंत्री शिवकुमार ने राज्य को आगे ले जाने के लिए अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता ने उन पर जो अटूट विश्वास और भरोसा जताया है, वह उसके लिए बेहद आभारी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि आगे की राह आसान नहीं है और कई बड़ी चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करेंगे। सीएम शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य फोकस राज्य में सुशासन लाना, विकास की गति तेज करना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और नए निवेश को आकर्षित करना रहेगा।











