रांची: झारखंड से राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए (NDA) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने शानदार जीत दर्ज की है। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के घटक दल कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी प्रणव झा को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस नतीजने ने झारखंड के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, क्योंकि संख्या बल के लिहाज से मजबूत दिख रहे सत्ताधारी गठबंधन के भीतर बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग की आशंका सच साबित हुई है।
झारखंड
➡राज्यसभा चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर
➡NDA समर्थित परिमल नाथवानी जीते
➡कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा चुनाव हारे
➡कांग्रेस उम्मीदवार को सिर्फ 20 वोट मिले
➡परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले
➡राज्यसभा चुनाव में 3 वोट अवैध पाए गए#Jharkhand #RajyaSabha #Politics @mpparimal pic.twitter.com/zqrkZ3vPD9
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) June 18, 2026
चुनाव के आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, एनडीए के रणनीतिक समर्थन से मैदान में उतरे परिमल नाथवानी को कुल 28 फर्स्ट प्रेफरेंस (प्रथम वरीयता) के वोट मिले, जो कि जीत के लिए तय जादुई आंकड़े के बिल्कुल बराबर था। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा को महज 20 वोटों से ही संतोष करना पड़ा, जिसके चलते वे दौड़ से पूरी तरह बाहर हो गए। इस चुनाव में कुल 3 विधायकों के वोट विभिन्न तकनीकी कमियों और नियमों के उल्लंघन के चलते अवैध (इनवैलिड) घोषित कर दिए गए, जिसने मुकाबले के समीकरण को बदलने में अहम भूमिका निभाई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आंकड़ों के गणित में भारी बढ़त होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी की यह हार झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच जमीनी स्तर पर समन्वय की कमी और आंतरिक गुटबाजी को उजागर करती है। विधानसभा में पर्याप्त संख्या होने के बाद भी प्रणव झा को सिर्फ 20 वोट मिलना यह साफ संकेत देता है कि गठबंधन के कई विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया है। परिमल नाथवानी की इस बड़ी जीत से एनडीए खेमे में भारी उत्साह है, जबकि कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के रणनीतिकारों के लिए यह परिणाम आत्ममंथन करने और अपनी अंदरूणी दरार को ठीक करने का एक बड़ा अलार्म है।













