डेस्क : शेयर बाजार में आईपीओ के जरिए निवेश करने वालों के लिए अगले सप्ताह दो नए मौके सामने आने वाले हैं। पिछले कुछ हफ्तों में जहां लगातार कई कंपनियों के आईपीओ बाजार में दस्तक दे रहे थे, वहीं अब निवेशकों को सिर्फ दो नए मेनबोर्ड आईपीओ मिलेंगे। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स और पारस हेल्थकेयर शामिल हैं।
दोनों कंपनियों के आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुले रहने की जानकारी दी गई है। निवेशकों के लिए इन इश्यू की कीमत, लॉट साइज और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अहम पहलू होंगे। हालांकि, GMP के आधार पर संभावित लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया जाता है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।
Jio Platforms IPO: कितना है प्राइस बैंड?
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर बताया गया है। इसका लॉट साइज 12 शेयरों का है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर एक लॉट के लिए 13,428 रुपये की जरूरत होगी।
दिए गए विवरण के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम 237 रुपये बताया गया है। यदि ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये और यह GMP बरकरार रहता है, तो अनुमानित प्रीमियम करीब 21.2 फीसदी बैठता है। यह केवल एक संकेतक है, वास्तविक लिस्टिंग प्राइस अलग हो सकती है।
Paras Healthcare IPO: जानें कीमत और लॉट साइज
पारस हेल्थकेयर का आईपीओ भी 21 अक्टूबर को खुलने और 23 अक्टूबर को बंद होने की जानकारी दी गई है। इसके लिए प्राइस बैंड 660 रुपये से 693 रुपये प्रति शेयर बताया गया है। इसका लॉट साइज 21 शेयरों का है।
ऊपरी प्राइस बैंड के अनुसार, एक लॉट के लिए 14,553 रुपये निवेश करने होंगे। उपलब्ध जानकारी में इसका GMP 96 रुपये बताया गया है। यदि यह प्रीमियम बरकरार रहता है और शेयर 693 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर तय होता है, तो अनुमानित लिस्टिंग प्रीमियम करीब 13.9 फीसदी होगा।
निवेश से पहले किन बातों पर दें ध्यान?
दोनों आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम और जोखिमों को समझना जरूरी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए केवल GMP देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।













