क्या कभी आपने गौर किया है कि जब आप घबराए या डरे हुए होते हैं तो आपके कंधे अपने आप झुक जाते हैं और शरीर सिकुड़ने लगता है? इसके ठीक उलट, जब आप पूरे आत्मविश्वास में होते हैं तो रीढ़ तनी होती है और सीना चौड़ा रहता है। विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है कि हमारी शारीरिक मुद्रा और मन के भाव आपस में गहराई से जुड़े हैं। जब रीढ़ सीधी और छाती खुली होती है, तो दिमाग को सकारात्मक संकेत मिलते हैं, जिससे तनाव पैदा करने वाले हार्मोन कम होते हैं और आत्मविश्वास बढ़ाने वाले हार्मोन तेजी से बनने लगते हैं। आइए आपको ऐसे ही दो सरल लेकिन बेहद प्रभावी योगासनों के बारे में बताते हैं, जो इस दिशा में चमत्कारी परिणाम दे सकते हैं।
ताड़ासन: रीढ़ को स्ट्रेच कर भर देगा आत्मविश्वास
देखने में बेहद आसान लगने वाला ताड़ासन अपने गुणों में बड़ा ही कमाल का है। यह अभ्यास रीढ़ की हड्डी को पूरी तरह स्ट्रेच कर सीधा करता है, पूरे पोस्चर में सुधार लाता है और शरीर को जमीन से जुड़ाव का एहसास कराता है, जिससे मन की घबराहट तुरंत शांत होने लगती है। इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच हल्का फासला रखें। गहरी सांस भरते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और उंगलियों को आपस में फंसाकर हथेलियां आसमान की तरफ कर लें। इसके बाद धीरे-धीरे एड़ियों को ऊपर उठाएं और शरीर का पूरा भार पंजों पर डाल दें। अब पूरे बदन को ऐसे ऊपर खींचें जैसे कोई आपको बलपूर्वक ऊपर खींच रहा हो और अपनी निगाह सामने किसी एक बिंदु पर टिका दें। करीब 10 से 15 सेकंड तक इसी अवस्था में रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में लौट आएं। इस पूरी प्रक्रिया को 3 से 4 बार दोहराएं।
भुजंगासन: छाती खोलकर भर देगा फेफड़ों में ताजा ऑक्सीजन

भुजंगासन रीढ़ को लचीला और मजबूत बनाने के साथ-साथ आपकी छाती को पूरी तरह खोलने का काम करता है। जब छाती खुलती है तो फेफड़ों में अधिक मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है, जिससे दिल की तेज धड़कन सामान्य होती है और डर व बेचैनी दूर भागते हैं। इस आसन के लिए योगा मैट पर पेट के बल सीधे लेट जाएं और दोनों पैरों को आपस में मिलाकर रखें। अब हथेलियों को कंधों के ठीक नीचे जमीन पर टिकाएं और गहरी सांस भरते हुए सिर, कंधों और छाती को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। ध्यान रखें कि नाभि तक का हिस्सा जमीन से सटा रहे और सिर को पीछे झुकाकर आसमान की ओर देखें। इसी मुद्रा में 15 से 20 सेकंड तक बने रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें। बाद में सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे नीचे आ जाएं। इसे भी 3 से 4 बार दोहराएं।
इन दोनों ही सरल आसनों का रोजाना अभ्यास करके आप खुद महसूस करेंगे कि कैसे आपके भीतर की घबराहट और नर्वसनेस धीरे-धीरे गायब हो रही है और सीने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी पहले से कहीं ज्यादा सीधी और मजबूत लगने लगी है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी और सुझाव केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से हैं। इसे किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। योग बेहद लाभकारी है, लेकिन हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है।














