बिहार का पारंपरिक खाना लिट्ठी-चोखा देशभर में खूब पसंद किया जाता है। बाहर से कुरकुरी और अंदर से मसालेदार सत्तू की भरावन वाली लिट्ठी का स्वाद घी, चोखा और हरी चटनी के साथ और भी बढ़ जाता है। अगर आपको लगता है कि घर पर बाजार जैसी कुरकुरी लिट्ठी बनाना मुश्किल है, तो ऐसा नहीं है। आटा सही तरीके से तैयार करने और लिट्ठी को मध्यम आंच पर अच्छी तरह सेंकने से आप आसानी से स्वादिष्ट लिट्ठी बना सकते हैं।
लिट्ठी बनाने के लिए सामग्री
आटा तैयार करने के लिए 2 कप गेहूं का आटा, 2 चम्मच घी या तेल, अजवाइन, नमक और जरूरत के अनुसार पानी लें।
भरावन के लिए करीब 1 कप सत्तू, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और थोड़ा अदरक लें। स्वाद के अनुसार नमक, अमचूर पाउडर, अजवाइन, अचार का मसाला, नींबू का रस और थोड़ा सरसों का तेल भी डाल सकते हैं।
सबसे पहले तैयार करें आटा
एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें। इसमें नमक, अजवाइन और घी डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा गूंथें। आटा न ज्यादा नरम होना चाहिए और न ही बहुत सख्त।
आटा तैयार होने के बाद इसे करीब 15 से 20 मिनट ढककर रख दें। इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है और लिट्ठी बनाते समय उसमें दरारें कम पड़ती हैं।
ऐसे तैयार करें सत्तू की भरावन
एक कटोरे में सत्तू लें और उसमें प्याज, हरी मिर्च, धनिया, अदरक, नमक, अमचूर, अजवाइन और नींबू का रस डालें। अब इसमें थोड़ा सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
भरावन को बहुत सूखा न रखें। जरूरत पड़ने पर एक-दो चम्मच पानी डाल सकते हैं। हालांकि मिश्रण बहुत ज्यादा गीला भी नहीं होना चाहिए, वरना लिट्ठी में भरते समय भरावन बाहर निकल सकती है।
लिट्ठी में भरें सत्तू
अब आटे की बराबर आकार की लोइयां बना लें। एक लोई को हल्का दबाकर बीच में जगह बनाएं और उसमें सत्तू की भरावन रखें।
किनारों को धीरे-धीरे बंद करें और हथेलियों के बीच हल्का गोल आकार दें। अगर कहीं दरार दिखाई दे तो उसे उंगलियों से बंद कर दें। इससे सेंकते समय भरावन बाहर निकलने की संभावना कम होगी।
कुरकुरी लिट्ठी बनाने का आसान तरीका
लिट्ठी को तेज आंच पर सीधे सेंकने के बजाय मध्यम आंच पर धीरे-धीरे पकाना बेहतर रहता है। इसे ओवन, एयर फ्रायर, तंदूर या गैस पर अपनी सुविधा के अनुसार सेंका जा सकता है।
गैस पर लिट्ठी बना रहे हैं तो उसे लगातार घुमाते रहें, ताकि वह चारों तरफ से समान रूप से सिके। जब बाहरी परत सुनहरी और कुरकुरी हो जाए और उसमें हल्की दरारें दिखाई देने लगें, तो लिट्ठी तैयार है।
घी के साथ करें सर्व
गर्म लिट्ठी को हल्का सा तोड़कर ऊपर से देसी घी डालें। इसके साथ आलू-टमाटर का चोखा, बैंगन का चोखा, हरी चटनी या दही परोसा जा सकता है।
लिट्ठी का स्वाद काफी हद तक उसकी सत्तू की भरावन पर निर्भर करता है। इसलिए भरावन में सरसों के तेल, नींबू और मसालों का संतुलन बनाए रखें। वहीं कुरकुरी लिट्ठी के लिए आटे की सही कंसिस्टेंसी और मध्यम आंच पर अच्छी तरह पकाना सबसे जरूरी है।














