अडानी ग्रुप के चेयरमैन श्री गौतम अडानी के 64वें जन्मदिन के विशेष अवसर पर अडानी फाउंडेशन ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। कॉर्पोरेट जगत के इस खास दिन को फाउंडेशन ने केवल उत्सव न बनाकर सेवा, दया और उम्मीद के एक बड़े वैश्विक आंदोलन में बदल दिया। ‘सेवा ही साधना है’ के मूल मंत्र से प्रेरित होकर देश और दुनिया भर के हजारों डोनर्स ने मिलकर इस सालाना मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव को अब तक का सबसे बड़ा और सफल अभियान बना दिया है।
इस साल इस महा-अभियान का आयोजन 21 राज्यों, 5 केंद्र शासित प्रदेशों और 4 अंतरराष्ट्रीय स्थानों के 754 से अधिक शहरों, कस्बों और गांवों में किया गया। रेड क्रॉस ब्लड बैंक, सरकारी और ट्रस्ट के अस्पतालों के साथ मिलकर आयोजित किए गए इस कैंपेन में कुल 52,306 यूनिट ब्लड इकट्ठा हुआ है। यह आंकड़ा पिछले साल के 28,090 यूनिट के रिकॉर्ड कलेक्शन से लगभग दोगुना है, जो लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।
6,000 से अधिक वॉलंटियर्स ने संभाली कमान, मरीजों को मिलेगी संजीवनी
अडानी हेल्थकेयर टीम की देखरेख में चले इस ड्राइव की सफलता के पीछे 6,000 से अधिक वॉलंटियर्स, डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और प्रशासनिक कर्मचारियों की कड़ी मेहनत रही। इस रक्तदान से एकत्रित ब्लड कंपोनेंट्स (जैसे होल ब्लड, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और एल्ब्यूमिन) के जरिए इमरजेंसी केयर, बड़ी सर्जरी, कैंसर के इलाज और मैटरनल हेल्थकेयर से जूझ रहे 1,56,918 से ज्यादा मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।
अडानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस सामूहिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा, “गौतम के 64वें जन्मदिन पर, ‘सेवा ही साधना है’ के उनके विश्वास को अडानी परिवार द्वारा किए गए एक मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के जरिए खूबसूरती से जीवंत किया गया। हर उस अडानी और मेडिकल प्रोफेशनल का मेरा बहुत-बहुत शुक्रिया जिन्होंने अपनी आस्तीनें चढ़ा लीं।”
बता दें कि साल 2011 में महज 1,300 यूनिट से शुरू हुआ यह स्वैच्छिक अभियान आज भारत के सबसे बड़े रक्तदान आंदोलनों में से एक बन चुका है। वर्तमान में अडानी फाउंडेशन देश के 22 राज्यों के 7,247 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कम्युनिटी डेवलपमेंट के जरिए 13.3 मिलियन लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है।














