डेस्क : आजकल लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर की स्क्रीन के सामने बैठकर काम करने वाले लोगों में गर्दन दर्द की समस्या तेजी से देखने को मिल रही है। किताब पढ़ते समय सिर झुकाकर रखना, गलत तरीके से बैठना और लगातार एक ही पोजिशन में काम करना भी गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ा सकता है। कई बार तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी से परेशानी और बढ़ जाती है।
अगर आपको भी बार-बार गर्दन में अकड़न, खिंचाव या दर्द महसूस होता है, तो अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करने से मदद मिल सकती है। सही पोश्चर अपनाने, बीच-बीच में ब्रेक लेने और हल्की एक्सरसाइज करने से गर्दन पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम किया जा सकता है। हालांकि, लगातार बने रहने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
गर्दन दर्द होने की क्या हैं प्रमुख वजहें?
गर्दन में दर्द होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे आम कारण लंबे समय तक सिर को आगे झुकाकर रखना और गर्दन को गलत स्थिति में बनाए रखना है। लैपटॉप पर काम करते समय स्क्रीन का नीचे होना, मोबाइल को लगातार नीचे देखकर चलाना और बिना ब्रेक के घंटों बैठना भी परेशानी बढ़ा सकता है।
इसके अलावा, तनाव के कारण गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। कुछ मामलों में चोट, नसों पर दबाव या रीढ़ से जुड़ी समस्याएं भी गर्दन दर्द की वजह बन सकती हैं।
- गर्दन को सही स्थिति में रखना है जरूरी
गर्दन के दर्द से बचने के लिए सबसे पहले अपने बैठने और काम करने के तरीके पर ध्यान दें। कोशिश करें कि सिर और गर्दन रीढ़ की सीध में रहें। ठुड्डी को लगातार आगे की ओर निकालकर बैठने और कंधों को झुकाकर रखने से बचें।
कंप्यूटर की स्क्रीन को आंखों के स्तर के करीब रखें और मोबाइल इस्तेमाल करते समय उसे बहुत नीचे न रखें। लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठे रहने के बजाय नियमित अंतराल पर उठें, थोड़ा चलें और गर्दन व कंधों को आराम दें।
- गर्दन को धीरे-धीरे दाएं और बाएं घुमाएं
गर्दन की सामान्य गति बनाए रखने के लिए हल्के रोटेशन का अभ्यास किया जा सकता है।
कैसे करें एक्सरसाइज?
- कुर्सी पर कमर सीधी करके आराम से बैठ जाएं।
- सिर को धीरे-धीरे दाईं ओर घुमाएं और उतनी ही दूर तक ले जाएं, जहां तक बिना दर्द के आसानी से जा सकें।
- लगभग 2 सेकंड रुकने के बाद सिर को वापस बीच में लाएं।
- अब इसी तरह गर्दन को बाईं ओर घुमाएं।
- दोनों तरफ यह अभ्यास 2-3 बार करें।
एक्सरसाइज करते समय झटके न दें। यदि दर्द बढ़ता है या चक्कर आने लगते हैं, तो तुरंत रुक जाएं।
- ठुड्डी को पीछे खींचने वाली एक्सरसाइज करें
गर्दन की स्थिति सुधारने के लिए चिन टक एक्सरसाइज उपयोगी हो सकती है। इसमें सिर को झुकाने के बजाय ठुड्डी को हल्के से पीछे की ओर ले जाया जाता है।
कैसे करें?
- सीधे बैठें और सामने की ओर देखें।
- ठुड्डी को धीरे-धीरे पीछे की तरफ खींचें, जैसे आप हल्की डबल चिन बना रहे हों।
- सिर को नीचे झुकाने या ऊपर उठाने से बचें।
- कुछ सेकंड रुकें और फिर सामान्य स्थिति में लौट आएं।
- इसे आराम से कुछ बार दोहराएं।
- इस अभ्यास में गर्दन पर जोर न डालें। यदि इससे दर्द या झनझनाहट बढ़ती है, तो इसे रोक दें।
- गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत बनाने पर दें ध्यान
गर्दन की मांसपेशियों की मजबूती और सहनशीलता बढ़ाने के लिए नियंत्रित अभ्यास मददगार हो सकते हैं। इसके लिए सिर को हाथ से जोर लगाकर उठाने के बजाय किसी फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से उपयुक्त एक्सरसाइज चुनना बेहतर है।
एक आसान विकल्प यह है कि सीधे बैठकर सिर को सामान्य स्थिति में रखें और ठुड्डी को हल्का पीछे खींचें। इस स्थिति को कुछ सेकंड बनाए रखें और फिर आराम करें। अभ्यास के दौरान सांस सामान्य रखें और गर्दन पर अतिरिक्त दबाव न डालें। यदि गर्दन में तेज दर्द, हाल की चोट या नस से संबंधित लक्षण हैं, तो बिना चिकित्सकीय सलाह के गर्दन को उठाने या उस पर प्रतिरोध डालने वाले व्यायाम न करें।
- लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें
गर्दन को आराम देने के लिए काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना जरूरी है। लगातार कई घंटे कंप्यूटर पर काम करने के बजाय समय-समय पर खड़े हों, कुछ कदम चलें और कंधों को हल्के से घुमाएं। कुर्सी पर बैठते समय पीठ को सहारा दें और पैरों को जमीन पर टिकाकर रखें। लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं, तो स्क्रीन को उचित ऊंचाई पर रखने के लिए स्टैंड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन छोटी आदतों से गर्दन और कंधों पर पड़ने वाला दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
गर्दन दर्द होने पर कब डॉक्टर को दिखाएं?
हर तरह का गर्दन दर्द केवल गलत पोश्चर के कारण नहीं होता। यदि दर्द लगातार बना रहता है, बार-बार लौटता है या रोजमर्रा के कामों में परेशानी पैदा करता है, तो डॉक्टर से परामर्श लें। यदि गर्दन दर्द के साथ हाथों में कमजोरी, सुन्नपन, तेज झनझनाहट, बुखार या गंभीर सिरदर्द हो, तो जल्द चिकित्सकीय जांच कराएं। चोट या दुर्घटना के बाद गर्दन में तेज दर्द होने पर भी तुरंत चिकित्सा सहायता लें।



