नई दिल्ली : जो लोग पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कमी का इंतज़ार कर रहे हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर है। केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया है कि अगर अगले 2 से 3 महीने तक इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें कम रहती हैं, तो पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कमी करने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ़ किया कि फिलहाल इस पर कोई आखिरी फ़ैसला नहीं लिया गया है।
तेल कंपनियों को ₹74781 करोड़ का नुकसान
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरदीप पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष (मध्य पूर्व युद्ध) के दौरान इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आया था। उस समय सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को पेट्रोल, डीज़ल और LPG को लागत से कम पर बेचने से 30 जून तक कुल ₹74,781 करोड़ का नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि हालांकि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत कम हो गई है, लेकिन अभी रिफाइनरियां उसी कच्चे तेल की प्रोसेसिंग कर रही हैं, जिसे दो महीने पहले ऊंचे दाम पर खरीदा गया था।
वही केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम एशियाई संकट के दौरान विकसित देशों में पेट्रोल की कीमतें करीब 20 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि भारत के पड़ोसी देशों में यह बढ़ोतरी करीब 35 प्रतिशत रही। इसकी तुलना में भारत में पेट्रोल की कीमतें सिर्फ 5.58 प्रतिशत बढ़ीं। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी से जून के आखिर तक देश के 1.07 लाख पेट्रोल पंपों पर फ्यूल की कोई कमी नहीं हुई और किसी भी पंप को बंद नहीं करना पड़ा।














