उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद मर्माहत करने वाली और दुखद खबर सामने आ रही है। महाराजपुर के पुरवामीर गांव में बोरवेल के लिए खोदे गए 20 फीट गहरे सुरंगनुमा गड्ढे में गिरी 18 वर्षीय यशी की जिंदगी की यह जंग आखिरकार हार गई। करीब 8 घंटे से अधिक समय तक चले भारी मशक्कत वाले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद यशी को बाहर तो निकाल लिया गया था,लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कानपुर
➡️बहन यशी को मृत घोषित किया गया
➡️अस्पताल में यशी को मृत घोषित किया गया
➡️बोरवेल में फंसी यशी को रेस्क्यू किया गया था
➡️गंभीर हालत में यशी अस्पताल ले जाई गई थी
➡️अब अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
➡️गड्ढे में ऑक्सीजन सप्लाई न होने से बिगड़ी हालत
➡️8 घंटे से ज्यादा… pic.twitter.com/nOQ3z24cou— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) August 28, 2026
घटना के दिन घर में बोरिंग कराई गई जगह पर अचानक धंसाव होने के कारण यशी गहरे गड्ढे में जा फंसी थी। प्रशासनिक टीमों और राहत दल ने जी-तोड़ मेहनत के बाद उसे बाहर निकाला था, लेकिन जब उसे गड्ढे से बाहर लाया गया था तभी उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। गंभीर और नाजुक हालत में उसे तुरंत एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
यशी के निधन की खबर मिलते ही उसके परिवार और पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर खुले बोरवेल और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हंसती-खेलती युवा बेटी की इस तरह असमय मौत से हर किसी की आंखें नम हैं और परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।



