अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के ‘वंदे मातरम’ को लेकर दिए गए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने कहा कि किसी कविता या गीत को सिर्फ धार्मिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने शर्मिला टैगोर के विचारों का सम्मान करते हुए कहा कि कलाकारों को अपनी रचनाओं की व्याख्या करने की स्वतंत्रता होती है, लेकिन वह कविता को सीमित नजरिए से देखने के तरीके से सहमत नहीं हैं।

कंगना ने कहा कि कविता और कला में प्रतीकों और कल्पनाओं का इस्तेमाल होता है, जिससे बड़े संदेश दिए जाते हैं। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ को स्वतंत्रता संग्राम की भावना से जुड़ा बताया और लोगों से हिंदू-मुस्लिम सोच से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि शक्ति और देशभक्ति के प्रतीकों को किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।

यह विवाद उस समय सामने आया जब कांग्रेस मुख्यालय से जुड़े एक वीडियो के बाद ‘वंदे मातरम’ को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हुई। बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा और सार्वजनिक माफी की मांग की।

Lucknow trippal Murder का CCTV आया सामने, दिव्या हत्याकांड के बड़े सच से उठा पर्दा | BIG News

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