एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले की जसरथपुर थाना पुलिस ने एक महिला को सरेराह गोली मारकर उसके अपहरण (किडनैपिंग) के प्रयास की सनसनीखेज वारदात का चौंकाने वाला पर्दाफाश किया है। पुलिस की गहन वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में सामने आया है कि महिला ने गांव के ही मौजूदा प्रधान को एक संगीन मामले में फंसाने और जेल भिजवाने के लिए अपने तीन शातिर साथियों के साथ मिलकर इस पूरी खूनी साजिश को अंजाम दिया था। महिला ने खुद को पीड़ित दिखाने के लिए बाकायदा शूटरों को मोटी रकम देकर अपने ऊपर गोली चलवाई थी, जिससे वह घायल हुई थी। पुलिस ने इस फर्जी मामले का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य महिला के दो आरोपित साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह पूरा मामला जसरथपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव दहेलिया पूठ का है। बीते एक जून को पुलिस को सूचना मिली थी कि साधना मिश्रा नाम की महिला को अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी है और उसके अपहरण का प्रयास किया गया है। घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने मामले की बारीकी से विवेचना की, घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और सबसे महत्वपूर्ण महिला की चिकित्सीय (मेडिकल) रिपोर्ट का परीक्षण किया, तो पूरी घटना अत्यधिक संदिग्ध पाई गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जब संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो पूरी साजिश की परतें खुलकर सामने आ गईं। साधना मिश्रा ने ग्राम प्रधान से आपसी रंजिश का बदला लेने के लिए खुद को घायल कर पूरा जाल बिछाया था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए साजिश में शामिल दो पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि घटना में शामिल अन्य वांछितों और शूटरों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। एटा पुलिस की इस सतर्कता से एक निर्दोष व्यक्ति झूठे मामले में फंसने से बच गया।














