नई दिल्ली: भारतीय संगीत जगत की बेहद मशहूर और दिग्गज प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक ऐसी महान कलाकार के रूप में याद किया, जिनकी जादुई आवाज़ और दिल को छू लेने वाले गानों ने भारतीय संगीत और सिनेमा पर एक अमिट छाप छोड़ी है। पीएम मोदी ने कहा कि सुमन जी की कला ने कई पीढ़ियों के संगीत प्रेमियों के दिलों में एक अमूल्य और खास जगह बनाई है।
पीएम मोदी ने एक्स (X) पर दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दिवंगत गायिका को याद करते हुए लिखा:
“पॉपुलर सिंगर सुमन कल्याणपुर जी के निधन से अत्यंत दुखी हूं। उनकी सुरीली आवाज़ और दिल को छू लेने वाले गानों ने हमारी कल्चरल दुनिया को समृद्ध और बेहतर बनाया। अपने शानदार गानों के ज़रिए, उन्होंने संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के चाहने वालों के बीच एक विशिष्ट जगह बनाई। उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।”
“म्यूज़िक की दुनिया का एक अनमोल खज़ाना खो गया” — देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर को एक बेहद भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि भारतीय संगीत में ‘सुमन’ की दिव्य और सुरीली आवाज़ अब हमेशा के लिए शांत हो गई है।
देवेंद्र फडणवीस ने एक्स (X) पर लिखा:
“दिग्गज प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर के जाने से, इंडियन म्यूज़िक की दुनिया की एक मीठी, सुरीली और दिल को छू लेने वाली आवाज़ आज हमेशा के लिए खामोश हो गई है। छह दशकों से ज़्यादा समय तक, उन्होंने अपनी बेमिसाल गायकी से म्यूज़िक लवर्स के दिलों पर राज किया। मराठी, हिंदी, बंगाली, ओडिया और दूसरी भाषाओं में उनकी अमर धुनें म्यूज़िक की दुनिया का एक अनमोल खज़ाना हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि ‘पद्म भूषण’ जैसे देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से नवाजी गईं सुमन जी ने अपने गानों की मिठास और भावुक अभिव्यक्तियों (इमोशनल एक्सप्रेशन) से भारतीय कला को और ऊंचा उठाया। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
भारतीय संगीत में छह दशकों की गौरवशाली विरासत
सुमन कल्याणपुर को हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग (गोल्डन एरा) की सबसे प्रभावशाली और सुरीली पार्श्व गायिकाओं (प्लेबैक सिंगर्स) में गिना जाता है। वह अपनी बेहतरीन वोकल रेंज, गानों में शास्त्रीय शुद्धता और एक बेहद अलग, मीठे गायन स्टाइल के लिए जानी जाती थीं।
बता दें, उन्होंने केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि मराठी, बंगाली, ओडिया, गुजराती और कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी सैकड़ों कालजयी गाने गाए। संगीत के शौकीनों के बीच उनके गाए गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं और कई पीढ़ियां उन्हें सुनते हुए बड़ी हुई हैं।
सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सामने आने के बाद से ही मनोरंजन उद्योग (एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री), राजनीतिक गलियारों और देश-विदेश में फैले उनके करोड़ों प्रशंसकों की तरफ से सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने का तांता लगा हुआ है। लोग भारत की समृद्ध संगीतमय विरासत में उनके अमूल्य योगदान को कृतज्ञता के साथ याद कर रहे हैं।















