इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) ने सोमवार को घोषणा की कि उसने लीबिया के एक प्रमुख एक्सप्लोरेशन ब्लॉक में नया तेल और गैस खोजा है। यह खोज इंडियन ऑयल द्वारा संचालित कंसोर्टियम का हिस्सा बनने के बाद की गई, जिसमें उसकी 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस नई खोज से लीबिया के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र स्थित घाडामेस बेसिन में हाइड्रोकार्बन संभावनाओं को और मजबूती मिली है।
बता दें, इंडियन ऑयल ने अपनी स्टॉक फाइलिंग में बताया कि “एक्सप्लोरेशन गतिविधियों के पुनः शुरू होने के साथ, छठे एक्सप्लोरेटरी कुएं की ड्रिलिंग के बाद ब्लॉक एरिया 95/96 में नया तेल और गैस खोजा गया है।” यह ब्लॉक लगभग 6,600 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यह एक अच्छे हाइड्रोकार्बन प्रांत में स्थित है, जो पहले से ही समृद्ध तेल और गैस के भंडार के लिए जाना जाता है।
कंपनी ने कहा कि इस कंसोर्टियम का मंज़ूर एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम आठ कुओं का है, जिसमें से पांच कुएं पहले ही ड्रिल किए जा चुके हैं। लीबिया की नेशनल ऑयल कॉर्पोरेशन (NOC) ने प्रारंभिक परीक्षणों के बाद इस नई खोज को आधिकारिक रूप से मान्यता दी है। NOC ने कहा कि यह खोज ब्लॉक 95/96 की हाइड्रोकार्बन क्षमता को और मजबूत करता है।
इस नई खोज के साथ ही क्षेत्र की एनर्जी क्षमता में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इंडियन ऑयल का कहना है कि इसके रिजर्वॉयर की विशेषताओं का मूल्यांकन और संसाधनों का अनुमान लगाने के लिए विस्तृत मूल्यांकन कार्य किया जाएगा। इसके बाद, खोज की कमर्शियल क्षमता की जांच की जाएगी। कंपनी ने यह भी कहा कि यह खोज उसके ग्लोबल एनर्जी पोर्टफोलियो को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इंडियन ऑयल ने इस खोज को अपनी अंतरराष्ट्रीय एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन रणनीति के तहत एक अहम मील का पत्थर बताया है। कंपनी ने वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर विदेशों में चुनिंदा, संभावनाशील अवसरों को पहचानने के लिए अपनी साझेदारी की रणनीति पर जोर दिया है। यह विकास इंडियन ऑयल के ओवरसीज अपस्ट्रीम पोर्टफोलियो के लिए एक अहम कदम है।














