उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। आंवला लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी से आखिरकार अपना इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था, और अब औपचारिक रूप से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर सभी अटकलों को पुख्ता कर दिया है। उनके इस कदम से बरेली समेत पूरे राज्य के सियासी गलियारों में भारी खलबली मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र कश्यप लंबे समय से पार्टी के भीतर असहज महसूस कर रहे थे। उन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करते हुए कहा था कि पार्टी में उन्हें घुटन महसूस हो रही है। उनका मुख्य आरोप था कि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान जिन लोगों ने उनके खिलाफ भीतरघात किया और उन्हें हराने की साजिश रची, पार्टी अब उन्हीं विरोधियों को बढ़ावा दे रही है और अहम जिम्मेदारियां सौंप रही है। अपनी लगातार हो रही उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने आखिरकार भगवा पार्टी से पूरी तरह से नाता तोड़ने का कड़ा फैसला ले लिया है।
गौरतलब है कि हाल ही में धर्मेंद्र कश्यप बरेली में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक जन्मदिन समारोह में मंच साझा करते नजर आए थे, जिसके बाद से ही उनके सपा में शामिल होने की चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं। अब आधिकारिक रूप से बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद यह माना जा रहा है कि वह जल्द ही किसी अन्य दल, खासतौर पर समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। उनके इस इस्तीफे से आगामी चुनावों से पहले क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदलते हुए नजर आ रहे हैं।



