देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक बयान सामने आया है। हाल ही में देश भर में चल रहे छात्र आंदोलनों और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं के बीच सचिन तेंदुलकर ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक भावुक और विचारणीय पोस्ट साझा किया है। उनके इस संदेश ने सोशल मीडिया पर आते ही सुर्खियां बटोर ली हैं, जिसे युवा वर्ग और छात्रों के बीच काफी सराहा जा रहा है।
अपने पिता को याद करते हुए सचिन तेंदुलकर ने लिखा कि उनके पिता एक प्रोफेसर थे और कई युवा छात्रों के लिए एक सच्चे मार्गदर्शक रहे थे। उन्होंने बचपन की एक सीख साझा करते हुए कहा कि उनके पिता ने उन्हें शुरू से ही सिखाया था कि जीवन में असफलता मिलना ठीक है, लेकिन चीटिंग (धोखाधड़ी) करना कभी भी स्वीकार्य नहीं है। सचिन ने युवाओं को सलाह दी कि उन्हें कभी भी सफलता पाने के लिए शॉर्टकट का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।
युवाओं की निराशा और समाज की जिम्मेदारी
सचिन तेंदुलकर ने अपने संदेश में मौजूदा समय में युवाओं के भीतर चल रही निराशा और हताशा को पूरी तरह समझा है। उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठ और जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ी और अपनी संस्कृति को सही दिशा प्रदान करें।
क्रिकेट के दिग्गज ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा हालात में यह अत्यंत आवश्यक है कि छात्रों का सिस्टम से भरोसा फिर से लौटाया जाए। उनके इस संदेश को वर्तमान परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसी घटनाओं के संदर्भ में बहुत बड़ा बयान माना जा रहा है। फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स सचिन तेंदुलकर की इस सीख की जमकर सराहना कर रहे हैं।



