उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से महिला कल्याण और प्रशासनिक मोर्चे पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्यों का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले के तहत आयोग की कुल 25 सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाया गया है, जिससे आने वाले समय में आयोग के कामकाज और महिला हितों से जुड़े अभियानों को और अधिक गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार के इस कदम से महिला आयोग की टीम को अपने अधूरे पड़े कार्यों और योजनाओं को धरातल पर पूरी तरह उतारने का एक और अवसर मिल गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला आयोग की इन सदस्यों का पिछला कार्यकाल पूरा होने वाला था, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनके कार्यों की समीक्षा की और प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए उनके कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि करने का निर्णय लिया। इस आदेश के जारी होने के बाद आयोग से जुड़ी सभी 25 सदस्यों का कार्यकाल आगामी एक साल के लिए सुरक्षित हो गया है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस फैसले को काफी सकारात्मक माना जा रहा है, क्योंकि इससे महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और सुरक्षा से जुड़े मामलों में निरंतरता बनी रहेगी।

महिला आयोग की इस विस्तारित टीम के सामने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, घरेलू हिंसा के मामलों पर रोक, और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार जैसी कई अहम जिम्मेदारियां हैं। कार्यकाल बढ़ने के बाद सभी सदस्य अब और अधिक ऊर्जा के साथ अपने तय लक्ष्यों को पूरा करने में जुटेंगी। इस घोषणा के बाद से महिला आयोग के कार्यालय और समर्थकों में भी खुशी का माहौल देखा जा रहा है।

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