वर्ल्ड वॉटर डे के मौके पर, पेप्सिको इंडिया ने अपनी जल प्रबंधन की कोशिशों को और मजबूत करते हुए घोषणा की कि उसने 2025 में 1.48 बिलियन लीटर पानी फिर से भरा। यह पहल कंपनी के सस्टेनेबल वॉटर रिसोर्स मैनेजमेंट (SWRDM) पर लगातार ध्यान केंद्रित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस अवसर पर कंपनी ने एक विशेष वीडियो जारी किया, जिसमें जल जीवन मेलों के माध्यम से अपनी वॉटर मैनेजमेंट की कोशिशों को वास्तविकता में बदलते हुए दिखाया गया है।

बता दें, पेप्सिको इंडिया का वॉटर मैनेजमेंट अप्रोच ‘पार्टनरशिप ऑफ़ प्रोग्रेस’ फिलॉसफी पर आधारित है, जिसका उद्देश्य पानी के उपयोग की एफिशिएंसी को बढ़ाना, लोकल पानी के स्रोतों को फिर से भरना और कम्युनिटी के लिए सुरक्षित पानी की पहुंच को आसान बनाना है। यह प्रयास उसके SWRDM प्रोग्राम और WASH (वॉटर, सैनिटेशन और हाइजीन) इनिशिएटिव के तहत काम करता है, जो अल्टरनेटिव डेवलपमेंट इनिशिएटिव (ADI) और पंडित जगत राम मेमोरियल FORCE ट्रस्ट जैसे संगठनों के साथ मिलकर लागू किए गए हैं।

बता दें, पेप्सिको इंडिया का SWRDM प्रोग्राम वाटरशेड-बेस्ड और साइंस पर आधारित है, जिसमें चन्नो (पंजाब), पुणे (महाराष्ट्र) और कोसी (उत्तर प्रदेश) में ग्राउंडवाटर रिचार्ज के लिए काम किया जा रहा है। जियो-हाइड्रोलॉजिकल प्लानिंग और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाकर, इसका उद्देश्य लोकल इकोसिस्टम और खेती करने वाले समुदायों को सपोर्ट करते हुए पानी की उपलब्धता बढ़ाना है।

इस पहल के तहत, 89,000 से ज्यादा कम्युनिटी के सदस्यों को बेहतर पानी की उपलब्धता, सस्टेनेबल खेती और सूखे को कम करने के प्रयासों के लिए मदद दी गई है। इसके अलावा, पेप्सिको इंडिया अपने साझेदार FORCE ट्रस्ट के साथ मिलकर सुरक्षित पानी और सैनिटेशन प्रोग्राम भी चला रहा है। मथुरा में इस प्रोग्राम की सफलता के बाद इसे अब 30 गाँवों में 100,000 से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया की चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर और सस्टेनेबिलिटी हेड, यशिका सिंह ने इस पहल पर बात करते हुए कहा, “पेप्सिको इंडिया में, पानी की देखभाल हमारी सस्टेनेबिलिटी की प्राथमिकता है, और हम पानी की एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए नए समाधान अपनाते हैं। हम ग्राउंडवाटर रिचार्ज और सस्टेनेबल वॉटर मैनेजमेंट को सपोर्ट करने के लिए कम्युनिटी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”

पेप्सिको इंडिया की यह पहल कम्युनिटी एंगेजमेंट, साइंटिफिक वॉटर मैनेजमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को मिलाकर वॉटर मैनेजमेंट को आगे बढ़ा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन प्रयासों का सकारात्मक असर लोगों और पर्यावरण दोनों पर पड़े।

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