उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Raebareli) और सेवादान आरोग्य संस्था के बीच मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) का आदान-प्रदान संपन्न हुआ है। यह कार्यक्रम एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. अमिता जैन की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है।
इस एमओयू के तहत सेवादान आरोग्य संस्था द्वारा एम्स रायबरेली परिसर के भीतर मरीजों के तीमारदारों के लिए एक आधुनिक विश्राम गृह (नाइट शेल्टर) का निर्माण कराया जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि गंभीर मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को ठहरने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह नई सुविधा उन्हें उपचार की पूरी अवधि के दौरान एक स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास प्रदान करेगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुए हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान एम्स रायबरेली की ओर से उपनिदेशक कर्नल अखिलेश सिंह और सेवादान आरोग्य संस्था की तरफ से प्रतिनिधि अमित दास ने आधिकारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर संस्थान के वित्तीय सलाहकार कर्नल उपेंद्र नाथ राय और अधीक्षण अभियंता इंजीनियर हरीश यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और संस्था के अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

मानवीय सेवा की दिशा में एक सार्थक कदम
इस पहल को सामाजिक उत्तरदायित्व और जनसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन ने कहा कि मरीजों के तीमारदारों के लिए सम्मानजनक आवास की व्यवस्था करना मानवीय सेवा का एक बहुत ही महत्वपूर्ण आयाम है। भविष्य में यह नाइट शेल्टर एम्स आने वाले हजारों परिवारों के लिए बेहद मददगार साबित होगा और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जन-केंद्रित बनाएगा।















