उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। SIR से पहले जिन मतदाताओं के नाम सूची में शामिल थे, लेकिन अब गायब हैं, उन्हें ढूंढने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत बीएलओ पुरानी और मौजूदा वोटर लिस्ट का मिलान करेंगे और जिन मतदाताओं के नाम कट गए हैं, उन्हें चिह्नित किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, बीएलओ 10 अप्रैल को प्रकाशित वोटर लिस्ट का मिलान पिछले साल 7 जनवरी को प्रकाशित सूची से करेंगे। इस दौरान दोनों सूचियों में दर्ज नामों की जांच की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम पहले सूची में थे, लेकिन अब नहीं हैं, उनकी पहचान की जाएगी। नाम कटे हुए मतदाताओं की मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए बीएलओ खुद उनके घर या वोटर लिस्ट में दर्ज पते पर जाएंगे। वहां जाकर उनकी वर्तमान स्थिति की पड़ताल की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने उन राज्यों में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस अभियान का उद्देश्य छूटे हुए और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ना है। इस प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट में नामों की स्थिति की जांच के साथ छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ने की कार्रवाई भी की जाएगी।












