सहारा की जमीन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने LDA और नगर निगम से बड़ा सवाल पूछ लिया है….दरअसल, हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने LDA और नगर निगम से कहा कि सहारा इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड से वापस ली गई गोमती नगर की जमीन को किस तरह से इस्तेमाल करेंगे…
साथ ही कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि भूमि की वापसी से सहारा के कानूनी अधिकार प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि इस मामले में सहारा की याचिका विचाराधीन है…इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी…
यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने गोमतीनगर जन कल्याण महासमिति द्वारा दायर जनहित याचिका पर पारित किया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता बीके सिंह ने कोर्ट को बताया कि जो जमीन पहले सहारा के कब्जे में थी, अब उसे LDA और नगर निगम ने पुन अपने अधिकार में ले लिया है। मास्टर प्लान में यह भूमि ग्रीन बेल्ट के रूप में चिह्नित की गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि LDA और नगर निगम इसके संबंध में क्या कदम उठाएंगे। सहारा ने नगर निगम और LDA द्वारा भूमि को पुन कब्जे में लेने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है, जो अभी विचाराधीन है। इस पर कोर्ट ने दोनों याचिकाओं को एक साथ जोड़ने का आदेश दिया है।














