उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद को लेकर एक अहम कदम उठाया है। अब गेहूं खरीद के दौरान बोरे की कमी की समस्या को दूर करने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग पुराने जूट बोरों की सीधी खरीद करेगा। मंगलवार को राज्य कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दिया है।

बता दें, विभाग ने इस निर्णय को लिया क्योंकि पहले बोरों की खरीद की प्रक्रिया में काफी समय लग रहा था, जिससे गेहूं खरीद प्रभावित हो रही थी। पहले खाद्य निरीक्षकों को पुराने बोरों की खरीद के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसमें देरी हो रही थी। इस कारण गेहूं खरीद में दिक्कतें उत्पन्न हो रही थीं।

बता दें, सरकारी गेहूं खरीद 30 मार्च से शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इस बार बोरों की व्यवस्था समय रहते नहीं की गई, जिससे कई क्रय केंद्रों पर बोरे उपलब्ध नहीं थे। खाद्य विभाग ने इसे भू-राजनैतिक परिस्थितियों और ईरान-इज़रायल युद्ध का परिणाम बताया है, जिसके चलते बोरों की आपूर्ति में रुकावट आई है और कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

इसी समस्या को हल करने के लिए अब विभाग ने पुराने बोरों की सीधी खरीद की मंजूरी दी है। यह निर्णय 20,000 से 25,000 गांठ जूट बोरों की खरीद को लेकर लिया गया है। इस खरीद के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया और जेम पोर्टल से छूट दी गई है। इसके अलावा इन बोरों की कीमतों का निर्धारण आयुक्त खाद्य एवं रसद द्वारा गठित एक समिति करेगी, जिसमें भारतीय खाद्य निगम के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

सरकार का मानना है कि इस निर्णय से 25,000 गांठ जूट बोरों की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे गेहूं खरीद प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी।

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