उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एआई मिशन लागू करने की पहल का ऐलान किया। एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में इस मिशन के तहत लगभग 2000 करोड़ के कार्यक्रम लागू होंगे। यूपी स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग करने वाला अग्रणी प्रदेश बनेगा।

वहीं, यूपी के अंदर 62 AI डाटा लैब बनाए जाएंगे, जो छोटे शहरों में स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एआई शासन को प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक बना रहा है। उन्होंने बताया कि तकनीकी नवाचार से शासन में विश्वास और समावेशी विकास की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। एआई के प्रयोग से स्वास्थ्य नीतियों को प्रभावी बनाया जा सकता है और महामारियों तथा वेक्टर जनित रोगों से जुड़ी डेटा कलेक्शन प्रक्रिया को बेहतर किया जा सकता है।

वहीं, इसके अलावा प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क, लखनऊ में मेडिटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गौतम बुद्ध नगर में एआई एंड इनोवेशन आधारित उडामिता केंद्र और आईआईटी कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित हो रहे हैं।

बता दें, मुख्यमंत्री ने आठ साल पहले के दौर को याद करते हुए कह कि उस समय राशन की चोरी एक बड़ी समस्या थी, लेकिन तकनीक के उपयोग से अब यह समस्या खत्म हो चुकी है। ई-पॉश मशीनों के माध्यम से राशन की पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।

वहीं, भ्रष्टाचार पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि पहले निराश्रित महिलाओं को मिलने वाली पेंशन में बिचौलिए कटौती करते थे, लेकिन अब डीबीटी और जनधन खातों के माध्यम से यह पेंशन सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है।

“आने वाले समय में, बढ़ती जनसंख्या के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में नई चुनौतियां आएंगी, लेकिन भारत एआई के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा।”आगे बढ़ते हुए, यूपी में 38 जिलों में इंसेफेलाइटिस की स्थिति को नियंत्रित किया गया है और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी कमी आई है।

Varanasi News : दालमंडी मार्केट में बुलडोजर एक्शन शुरू, दुकानदारों में हड़कंप

शेयर करना
Exit mobile version