उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उद्घाटन से पहले किया गया, जो 28 मार्च को होने वाला है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
बता दें, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे आमतौर पर जेवर एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है, उत्तर प्रदेश का एक महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा और इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
बता दें, यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है, जिसमें ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL), उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार की भागीदारी है। इस प्रोजेक्ट का कंसेशन पीरियड 40 वर्षों का रखा गया है, जिसकी शुरुआत 1 अक्टूबर 2021 से हुई थी।
वहीं, एयरपोर्ट को सभी मौसम में संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त है और इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहां 3,900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे तैयार किया गया है, जो इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और एडवांस्ड लाइटिंग सिस्टम से सुसज्जित है, जिससे 24 घंटे विमान संचालन संभव होगा। इसके अलावा, यहां 24 कोड C और 2 कोड D/F श्रेणी के विमानों के लिए पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं, जिससे बड़े वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट जैसे बोइंग 777-300ER भी यहां आसानी से उतर सकेंगे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल के साथ सालाना करीब 12 मिलियन यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी। सभी चरण पूरे होने के बाद यह एयरपोर्ट हर साल लगभग 70 मिलियन यात्रियों को संभाल सकेगा, जिससे यह देश के प्रमुख एविएशन हब्स में शामिल हो जाएगा।
इसके साथ ही यहां मल्टी-मॉडल कार्गो हब भी विकसित किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स और व्यापार को नई गति मिलेगी। हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए 3630.77 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी दी है, जिससे एयरपोर्ट तक पहुंच और आसान होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास, रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा देगा।













