Delhi: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य के विभिन्न विभागों को नोटिस भेजा है, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले पर जवाब मांगा गया है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब युवराज की मौत एक विवादास्पद दुर्घटना के बाद हुई, जिसमें प्रशासनिक लापरवाही की बात सामने आई थी।
बता दें, सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत एक ऐसे हादसे में हुई थी, जिसमें कथित तौर पर सरकारी विभागों की लापरवाही और संवेदनहीनता सामने आई थी। युवराज की कार एक खतरनाक स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, और यह हादसा राज्य के प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुआ, जिसके चलते उनके जीवन की दुर्घटना में जान चली गई।
वहीं, NGT ने अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य के संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। नोटिस में NGT ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि राज्य में इस तरह की लापरवाहियों के लिए जिम्मेदार कौन हैं और उनकी सुरक्षा व्यवस्था के तहत इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
बता दें, NGT ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह भी पूछा है कि क्या उन्होंने ऐसी घटनाओं के लिए कोई सुरक्षा उपाय लागू किए हैं, ताकि भविष्य में नागरिकों को इस तरह की लापरवाहियों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, NGT ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट भी मांगी है, जिसमें यह बताया जाए कि सरकार ने इस मुद्दे पर अब तक क्या कार्रवाई की है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था में खामियों को उजागर किया है, और अब NGT ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। आने वाले समय में इस मामले पर और जांच की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी विभागों को जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।



