मुंबई : सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने NEET-UG पेपर लीक मामले में कोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। बता दे कि CBI ने कोर्ट को बताया कि लातूर में एक कोचिंग सेंटर के मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने NTA के पेपर-सेटर पैनल में शामिल पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री का सवाल लेने के लिए 5 लाख रुपये दिए थे।
CBI ने बुधवार को स्पेशल कोर्ट को बताया कि मोटेगांवकर, जो लातूर में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस चलाते हैं, ने अपनी बेटी का एडमिशन कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में कराया था, जहाँ उसे सवाल दिए जाते थे।
5 लाख में खरीदे गए थे केमिस्ट्री के सवाल
मोटेगांवकर की ज़मानत याचिका के जवाब में, जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसने “सह-आरोपी के साथ मिलकर, परीक्षा से पहले NEET UG के लीक हुए केमिस्ट्री के सवाल हासिल किए और उसके लिए 5 लाख रुपये दिए”। बता दे कि CBI को उसके मोबाइल फ़ोन से 36 फ़ोटो मिले, जिनमें शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की हैंडराइटिंग में केमिस्ट्री के कुल 132 सवाल थे। लीक हुए सवाल पाने के लिए दी गई रकम CBI ने सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरुरे के कहने पर बरामद की।
आरोपी के मोबाइल फोन से हाथ से लिखे सवालों की 132 तस्वीरें मिली
CBI को आरोपी मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से हाथ से लिखे सवालों की 132 तस्वीरें मिली हैं, जिनके मेटाडेटा एनालिसिस से पता चला है कि ये तस्वीरें 3 मई को परीक्षा से 10 दिन पहले ली गई थीं। इनमें से 111 सवाल NTA के मास्टर क्वेश्चन सेट से बिल्कुल मेल खाते हैं।
अब तक 13 लोग गिरफ़्तार हो चुके हैं
गौरतलब है कि 12 मई को NTA ने पेपर लीक के आरोपों के बीच 3 मई को हुए मेडिकल एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NET-UG) को कैंसिल कर दिया था। जिसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा हुई थी। एजेंसी ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जो सभी न्यायिक हिरासत में हैं।



