मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पारंपरिक पहचान ‘लालपेड़ा’ को अब नई उड़ान मिलने वाली है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने मिर्जापुर के इस मशहूर व्यंजन को ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOC) योजना के तहत शामिल कर इसे वैश्विक बाजार में स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह न केवल मिर्जापुर की मिठास को दुनिया तक पहुंचाएगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगा।
लालपेड़ा कारोबारियों के लिए सौगात
सरकार की इस पहल के तहत लालपेड़ा निर्माताओं को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। बता दें, 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर सरकार 25% तक का अनुदान देगी और 5 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर 50 लाख रुपये तक की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। इस प्रोत्साहन का मुख्य उद्देश्य लालपेड़ा बनाने वाली इकाइयों का आधुनिकीकरण करना और उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है।
रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते
मिर्जापुर में वर्तमान में लालपेड़ा की 65 से अधिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनसे करीब 400 लोग सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस नई सरकारी मदद से न केवल इन लोगों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। पारंपरिक रेसिपी और आधुनिक तकनीक के मेल से अब लालपेड़ा की पैकिंग और क्वालिटी को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे यह देश-विदेश के बाजारों में अपनी जगह बना सके।
वैश्विक बाजार में पहचान
प्रशासन का मानना है कि ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) की सफलता के बाद अब ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOC) स्थानीय उत्पादों को एक अलग पहचान दिलाएगा। मिर्जापुर का लालपेड़ा अपनी अनूठी मिठास और स्वाद के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है, लेकिन सरकारी सहयोग मिलने से इसे एक ब्रांड के रूप में पहचान मिलेगी। मिर्जापुर के लालपेड़ा कारोबारी अब आने वाले समय में इसे देश के प्रमुख शहरों और विदेशी बाजारों तक पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं।



